अकोला बातमी पत्र
अनिस शेख
महान प्रतिनिधी
अकोला शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे इंतजार के बाद महान बांध के जलस्तर में पहली बार लगभग 3 फीट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 30 जुलाई की रात हुई 52 मिमी संतोषजनक बारिश के बाद 31 जुलाई को मानसून के 53वें दिन महान बांध के जलसंग्रह में पहली बार वृद्धि हुई। हालांकि यह बढ़ोतरी मुख्य काटा कोंडाला नदी के पानी से नहीं, बल्कि बांध के आसपास के जलग्रहण क्षेत्र में हुई वर्षा से हुई है। वहीं जऊळका रेलवे स्थित चाका तीर्थ संग्रहक तालाब अभी भी खाली पड़ा है और काटा कोंडाला नदी का पानी अब तक बांध तक नहीं पहुंचा है।महान बांध से अकोला शहर, मूर्तिजापुर, बोरगांव मंजू, अकोला एमआईडीसी, महान मत्स्य बीज केंद्र तथा खांभोरा-उन्नई ग्रामीण जलापूर्ति योजना के अंतर्गत 64 गांवों को वर्षभर पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। अकोला बातमी पत्र साथ ही नदी किनारे के हजारों हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई के लिए भी इसी बांध से पानी छोड़ा जाता है।31 जुलाई 2025 को महान बांध का जलस्तर 344.17 मीटर, जलसंग्रह 41.578 मिलियन घन मीटर तथा 48.15 प्रतिशत था, जबकि 31 जुलाई 2026 को जलस्तर 341.45 मीटर, जलसंग्रह 20.850 मिलियन घन मीटर और केवल 24.14 प्रतिशत दर्ज किया गया है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष बांध में लगभग 24 प्रतिशत कम जलसंग्रह उपलब्ध है।

बांध में कुल पांच जलापूर्ति वाल्व लगे हैं, जिनमें से जलस्तर लगातार घटने के कारण दो वाल्व पानी से पूरी तरह बाहर आ चुके हैं। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो तीसरा वाल्व भी पानी से बाहर आने की आशंका है।काटा कोंडाला नदी, जो वाशिम जिले के मालेगांव क्षेत्र से होकर महान बांध में मिलती है, अभी तक नहीं भरी है। इसके अलावा जऊळका रेलवे स्थित चाका तीर्थ संग्रहक तालाब भी अभी खाली है। यह तालाब भरने के बाद ही नदी का पानी बड़ी मात्रा में महान बांध तक पहुंच सकता है। इसलिए इस तालाब का भरना बांध के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।जलस्तर कम होने के कारण बांध के भीतर की कई पहाड़ियां पूरी तरह दिखाई देने लगी हैं।अकोला बातमी पत्र मध्य भाग स्थित हगदरी पहाड़ी पर पशु चरते हुए नजर आ रहे हैं, जो जलसंग्रह में आई भारी कमी का स्पष्ट संकेत है।पिछले वर्ष 31 जुलाई तक बांध क्षेत्र में 219 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी, जबकि इस वर्ष इसी अवधि तक केवल 200 मिमी बारिश हुई है। पिछले वर्ष इसी समय तक चाका तीर्थ तालाब भर चुका था और काटा कोंडाला नदी का पानी महान बांध में पहुंचने लगा था, जिससे जलसंग्रह 48.15 प्रतिशत तक पहुंच गया था।महान बांध अकोला जिले की जीवनरेखा माना जाता है और इसी बांध पर लाखों नागरिकों की पेयजल व्यवस्था निर्भर है। अकोला बातमी पत्र अब जिलेवासियों और किसानों की निगाहें आने वाले दिनों की बारिश पर टिकी हैं। यदि मालेगांव, काटा कोंडाला, जऊळका रेलवे, अमानवाड़ी, मुसलवाड़ी और धानोरा क्षेत्र में अच्छी बारिश होती है तो महान बांध के जलसंग्रह में तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना है।महान बांध के जलस्तर की निगरानी कार्यकारी अभियंता चिन्मय वाकोडे के मार्गदर्शन में उपविभागीय अधिकारी आदित्य कासार तथा शाखा अभियंता संदीप नेमाडे, मनोज पाठक और वैभव उगले द्वारा लगातार की जा रही है।
