मिरवणूक के दौरान PSI अभिषेक नवघरे पर जानलेवा हमला,सीसीटीव्ही कॅमेरे मे कैद हुई पुरी घटना
महान में आदिवासी दिवस की रैली में हुई घटना
अनीस शेख | महान प्रतिनिधि
महान : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त को झोडगा और वस्तापुर से महान बस स्टैंड तक डीजे के साथ भव्य मिरवणूक निकाली गई थी। इस मिरवणूक में महान परिसर के बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के पुरुष और महिलाएं शामिल हुए थे।दोपहर करीब 2 बजे जब मिरवणूक महान स्थित स्टेट बैंक के सामने मुख्य मार्ग पर पहुंची, तब यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पिंजर पुलिस स्टेशन के PSI अभिषेक नवघरे और उनकी सहयोगी महिला पुलिसकर्मी वैष्णवी भांडे ने कुछ युवकों को सड़क के किनारे हटने के लिए कहा। इसी बात को लेकर कुछ युवकों और पुलिस अधिकारियों के बीच विवाद शुरू हो गया।देखते ही देखते विवाद ने गंभीर रूप ले लिया और PSI अभिषेक नवघरे पर भीड़ ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि करीब 200 से 250 युवकों की भीड़ उनके पीछे दौड़ पड़ी। अपनी जान बचाने के लिए PSI नवघरे बहादरे प्लॉट परिसर से होते हुए वसंत बहादरे के खेत में पहुंचे और वहां से वॉल कंपाउंड पार कर गणी कॉलोनी की ओर भागे।ऊंचे तारों वाले कंपाउंड से छलांग लगाने के कारण वे कीचड़ में गिर गए। इसके बाद भीड़ ने उन्हें लात-घूंसों से मारने का प्रयास किया। किसी तरह वहां से निकलकर PSI नवघरे ने बाबूसाब प्लॉट स्थित पूर्व सरपंच मोहम्मद शफी के घर में शरण ली, जिससे उनकी जान बच सकी। इस दौरान उनकी सहयोगी महिला पुलिसकर्मी वैष्णवी भांडे के कान पर भी मारपीट किए जाने की जानकारी सामने आई है।मारपीट में PSI अभिषेक नवघरे के पैर और शरीर पर अंदरूनी चोटें आई हैं। उन्हें उल्टी होने लगी, जिसके बाद उपचार के लिए अकोला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार उनका इलाज जारी है।जान बचाने के लिए भागते समय PSI नवघरे की नेमप्लेट भी सोयाबीन के खेत में गिर गई थी। कीचड़ से सनी उनकी वर्दी और नेमप्लेट पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस अधिकारी के पीछे भीड़ के दौड़ने का दृश्य किसी फिल्मी थ्रिलर जैसा था और करीब एक घंटे तक क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।घटना की जानकारी मिलते ही SDPO मूर्तिजापुर वैष्णवी मुळे, अकोला की RCP प्लाटून, बार्शीटाकली पुलिस स्टेशन के थानेदार प्रवीण धुमाळ, PSI सुभाष पारधी, बोरगांव मंजू पुलिस दल तथा पिंजर पुलिस स्टेशन के थानेदार गजानन राठोड अपने दल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया।मिरवणूक समाप्त होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरा और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। खबर लिखे जाने तक वस्तापुर की तीन महिलाओं सहित चार-पांच लोगों और अखिल भारतीय आदिवासी विकास विद्यार्थी परिषद के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अविनाश पंधरे को पुलिस ने हिरासत में लिया है। आगे की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।पुलिस सूत्रों के अनुसार दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ जल्द उचित कार्रवाई की जाएगी।घटना के बाद कुछ समय तक महान बस स्टैंड से स्टेट बैंक परिसर तक भय का माहौल बना रहा। कई व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दी थीं। पुलिस बंदोबस्त पहुंचने के बाद नागरिकों ने राहत की सांस ली।बताया जा रहा है कि इस घटना में शामिल लोग महान गांव के नहीं बल्कि आसपास के अन्य गांवों से आए हुए
