प्रभारी प्रधानाध्यापक ने स्कूल में फांसी लगाकर की आत्महत्या,सुसाइड नोट में तीन लोगों को ठहराया जिम्मेदार"

 


अकोला बातमी पत्र ।

अनीस शेख, अकोला/महान/ प्रतिनिधि

अकोला खदान की क्रिश्चियन कॉलोनी स्थित सानिया उर्दू प्राइमरी स्कूल में कार्यरत प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की घटना 25 जून की सुबह सामने आई। इस घटना से खदान क्षेत्र सहित महान में शोक और संवेदना का माहौल है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, महान निवासी अब्दुल जमीर अब्दुल बशीर (40 वर्ष) वर्ष 2009 में अकोला खदान स्थित सानिया उर्दू प्राइमरी स्कूल में शिक्षक के रूप में नियुक्त हुए थे। स्कूल में पिछले 12 से 13 वर्षों से जावेद अहमद जमीर अहमद प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे। मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रधानाध्यापक ने उनसे कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाए थे।सुसाइड नोट के अनुसार, निलंबित प्रधानाध्यापक जावेद अहमद जमीर अहमद और स्कूल अध्यक्ष जावेद अहमद खान जब्बार खान के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद स्कूल अध्यक्ष ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया और स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक का अतिरिक्त प्रभार मृतक अब्दुल जमीर को सौंप दिया।मृतक ने अपने दो पन्नों के सुसाइड नोट में लिखा है कि पहले से ही उनके पास बीएलओ (BLO) की जिम्मेदारी थी और वे अपने कार्यों में व्यस्त थे। इसके बावजूद उन्हें प्रभारी प्रधानाध्यापक का दायित्व जबरन सौंपा गया, जिससे उन पर अतिरिक्त मानसिक और प्रशासनिक दबाव बढ़ गया।

13 लाख रुपये के बैंक ऋण में बनाया गया था जमानतदार

सुसाइड नोट के अनुसार, निलंबित प्रधानाध्यापक जावेद अहमद जमीर अहमद ने अपने कार्यकाल के दौरान जिला मध्यवर्ती बैंक से 13 लाख रुपये का ऋण लिया था। इस ऋण के लिए उन्होंने अब्दुल जमीर अब्दुल बशीर को जमानतदार बनाया था और उनसे जमानत संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए थे।बाद में स्कूल अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक के बीच हुए विवाद के चलते स्कूल अध्यक्ष जावेद अहमद खान जब्बार खान ने प्रधानाध्यापक को पद से निलंबित कर दिया। इसके बाद, सुसाइड नोट के अनुसार, निलंबित प्रधानाध्यापक ने बैंक ऋण की किश्तों का भुगतान बंद कर दिया। परिणामस्वरूप बैंक की ओर से जमानतदार होने के कारण अब्दुल जमीर को लगातार नोटिस भेजे जाने लगे और उनसे ऋण की राशि जमा करने की मांग की जाने लगी।मृतक ने सुसाइड नोट में लिखा है कि उन्होंने कई बार निलंबित प्रधानाध्यापक से ऋण की अदायगी करने का आग्रह किया, लेकिन कथित तौर पर उन्हें यह जवाब मिला कि, "मैं निलंबित हो चुका हूं,अकोला बातमी पत्र । यह राशि नहीं भरूंगा। आपको जो करना है, आप करें।"सुसाइड नोट में उल्लेख किया गया है कि मृतक की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी। उनके परिवार में माता, पत्नी, दो बच्चे तथा बड़े भाई का परिवार भी उनकी आय पर निर्भर था। ऐसे में बैंक के ऋण की वसूली का दबाव उन्हें लंबे समय से मानसिक तनाव और चिंता में डाल रहा था।इसके अलावा मृतक ने यह भी आरोप लगाया है कि स्कूल अध्यक्ष ने उनके पास से लॉकर की चाबी लेकर उसमें रखे कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज निकाल लिए थे और इस मामले में उन पर दबाव बनाया जा रहा था।सुसाइड नोट में यह भी कहा गया है कि निलंबित प्रधानाध्यापक उन्हें सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत बार-बार आवेदन भेज रहे थे, जबकि दूसरी ओर स्कूल अध्यक्ष उन्हें जानकारी देने से मना कर रहे थे। मृतक के अनुसार, दोनों पक्षों के दबाव के कारण उनका लगातार मानसिक उत्पीड़न हो रहा था।

फर्जी विद्यार्थियों के प्रवेश और दो शिक्षकों की नियुक्ति का आरोप

मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में स्कूल में कथित रूप से फर्जी विद्यार्थियों के प्रवेश और दो शिक्षकों की नियुक्ति किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। सुसाइड नोट के अनुसार, स्कूल अध्यक्ष और निलंबित प्रधानाध्यापक के बीच आपसी विवाद चल रहा था, लेकिन इसके बावजूद दोनों ने कथित रूप से मिलीभगत कर पहली से पांचवीं कक्षा तक कुछ फर्जी विद्यार्थियों का पंजीकरण कराया तथा दो शिक्षकों की नियुक्ति कर शासन को गुमराह किया।सुसाइड नोट में कहा गया है कि स्कूल अध्यक्ष द्वारा प्रधानाध्यापक जावेद अहमद जमीर अहमद को निलंबित किए जाने के बाद, निलंबित प्रधानाध्यापक ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत स्कूल से संबंधित जानकारी मांगी थी।अकोला बातमी पत्र । मृतक के अनुसार, स्कूल में हुए कथित अनियमित कार्यों के उजागर होने की आशंका के चलते स्कूल अध्यक्ष जावेद अहमद खान जब्बार खान उन पर आरटीआई के तहत जानकारी न देने के लिए दबाव बना रहे थे।मृतक ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि वे दोनों पक्षों के दबाव में थे और लगातार मानसिक तनाव झेल रहे थे। उन्होंने लिखा कि परिस्थितियां ऐसी बन गई थीं कि उन्हें आत्महत्या के अलावा कोई अन्य रास्ता दिखाई नहीं दे रहा था।अकोला बातमी पत्र ।सुसाइड नोट में मृतक अब्दुल जमीर अब्दुल बशीर ने अपनी आत्महत्या के लिए स्कूल अध्यक्ष जावेद अहमद खान जब्बार खान, निलंबित प्रधानाध्यापक जावेद अहमद जमीर अहमद तथा शिक्षक मतीन खान सालार खान को जिम्मेदार ठहराया है।मृतक अपने पीछे पत्नी, दो बच्चों, माता, भाई, भतीजों और भतीजियों सहित एक बड़ा परिवार छोड़ गए हैं।इस मामले की जांच खदान पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी मनोज केदारे के नेतृत्व में जारी है।                                                                                                                            नोट: उपरोक्त आरोप मृतक के सुसाइड नोट में किए गए दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है तथा मामले की जांच जारी है।

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