बालभारती की पाठ्यपुस्तक में शामिल हुई नईम फ़राज़ की नज़्म, अकोला का बढ़ाया मान
अकोला बातमी पत्र ।, प्रतिनिधि।अकोला महानगरपालिका के उर्दू स्कूल क्रमांक 8 में कार्यरत शिक्षक तथा अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर मोहम्मद नईम फ़राज़ ने अपनी साहित्यिक प्रतिभा के बल पर एक बार फिर अकोला का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उनकी एक उत्कृष्ट नज़्म को महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक निर्मिती व अभ्यासक्रम संशोधन मंडळ, पुणे (बालभारती) द्वारा कक्षा दूसरी की पाठ्यपुस्तक में शामिल किया गया है।यह उपलब्धि न केवल मोहम्मद नईम फ़राज़ की साहित्यिक साधना और रचनात्मक योगदान की स्वीकृति है, बल्कि उर्दू भाषा और साहित्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण सम्मान मानी जा रही है। बालभारती जैसी प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था द्वारा उनकी रचना का चयन किया जाना पूरे अकोला जिले के लिए गर्व का विषय है।नईम फ़राज़ लंबे समय से साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय हैं और उनकी रचनाएँ देश-विदेश के साहित्यिक मंचों पर सराही जाती रही हैं। उनकी शायरी और नज़्मों में सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाएँ तथा नैतिक मूल्यों का सुंदर समावेश देखने को मिलता है। अब उनकी रचना के पाठ्यपुस्तक में शामिल होने से प्रदेशभर के विद्यार्थी उनके साहित्य से परिचित हो सकेंगे।इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर अकोला महानगरपालिका शिक्षा विभाग के शिक्षणाधिकारी हरीशचंद्र इटकर ने मोहम्मद नईम फ़राज़ को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि नईम फ़राज़ की यह सफलता विद्यार्थियों, शिक्षकों और साहित्यकारों के लिए प्रेरणादायक है। उनकी रचनाएँ नई पीढ़ी में साहित्यिक रुचि, नैतिक मूल्यों और रचनात्मक सोच को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।शिक्षा जगत तथा साहित्य प्रेमियों ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल मोहम्मद नईम फ़राज़ का नहीं, बल्कि अकोला की समृद्ध साहित्यिक और शैक्षणिक परंपरा का भी सम्मान है।अकोला के नागरिकों ने मोहम्मद नईम फ़राज़ को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य तथा निरंतर साहित्यिक सफलता की कामना की है।"यह सम्मान केवल नईम फ़राज़ का नहीं, बल्कि अकोला की साहित्यिक और शैक्षणिक पहचान का भी सम्मान है।"
