अकोला में ४८ घंटे में दो हत्याएं, दहशत का माहौल
अकोला-
31 दिसंबर को हुई हत्या की खबर की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि नए साल के दूसरे दिन सुबह करीब 8 बजे अकोला से दूसरी हत्या की सनसनीखेज खबर सामने आ गई। जब शहरवासी नए साल के जश्न की तैयारी में जुटे थे, उसी दौरान सिविल लाइन पुलिस थाना क्षेत्र के कृषि नगर स्थित लेबर कॉलोनी में राजेश किराना दुकान के पास एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान संतोष भगवान घावले के रूप में हुई।इस खबर को अभी 48 घंटे भी नही हुए की बड़ी उमरी से दूसरी हत्या की खबर सामने आई जिस से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस हत्याकांड में शामिल आरोपी को महज़ 30 मिनट के भीतर गिरफ्तार कर लिया, जिससे पुलिस की सतर्कता तो दिखी, लेकिन शहर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़े हो गए।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आज सुबह करीब 8 बजे 112 नंबर पर कॉल प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि संजय नगर, बड़ी उमरी में अमोल दिगंबर पवार की हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की।जांच के दौरान गुप्त सूत्रों से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। पता चला कि मृतक अमोल दिगंबर पवार और 38 वर्षीय नितेश अरुण जंजल आपस में गहरे दोस्त थे और हमेशा साथ रहते थे। लेकिन 1 जनवरी को दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखा झगड़ा हुआ, जो देखते ही देखते खूनी वारदात में बदल गया।पुलिस ने आरोपी नितेश अरुण जंजल के घर पर दबिश दी, जहां वह फरार पाया गया।
इसके बाद सिविल लाइन पुलिस ने तेज़ी दिखाते हुए आधे घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।लगातार दूसरे हत्याकांड के बाद कुशीनगर और बड़ी उमरी परिसर में अफरा-तफरी मच गई है। नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल है। नए साल की शुरुआत में ही शहर में हो रही लगातार हत्याओं ने कानून-व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।फिलहाल सिविल लाइन पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक, अपर पुलिस अधीक्षक रेड्डी और उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुदर्शन पाटिल के मार्गदर्शन में सिविल लाइन थाना पुलिस निरीक्षक मालती कायटे के आदेश पर पुलिसकर्मी आशीष खंडरे, संतोष बगले, शक्ति कांबले और प्रदीप पवार द्वारा अंजाम दी गई।

